Saturday, 17 April 2021

पॉजिटिव पोस्ट:

 पॉजिटिव पोस्ट:

साल 2020 के आखिरी तीन माह में पूरे विश्व में जो कुल मृत्यु हुई उनमें से:
1. कोविड़ 19 से 3,14,687
2. मलेरिया से 3,40,584
3. आत्म हत्या से 3,53,696
4. सड़क दुर्घटना से 3,93,479
5. एड्स से 2,40,950
6. अल्कोहल से 5,58,471
7. धूम्रपान से 8,16,498
8. कैंसर से 11,67, 714
तो आपको क्या लगता है करोना वाकई इतना खतरनाक है ...
या फिर ऐसा लग रहा आपको की सारा मीडिया कैंपेन अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यवसायिक हितों के युद्ध को संभालने के लिए है..
या फिर फाइनेंस मार्केट में नेपथ्य में चल रही मर्जर और अमानवीय खरीद फरोख्त पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है...
या फिर अमेरिका अपने बॉन्ड्स बेचने की फिराक में है की वित्तीय घाटा कम किया जा सके..
या फिर सारा तमाशा बड़ी फरमा कंपनियों द्वारा प्रायोजित है ताकि वो सेनिटाइजर,मास्क, पीपीई किट और वैक्सीन को ऊंचे दाम पर बेच कर अरबों खरबों डॉलर कमा सकें।
कुछ भी हो सकता है।
मजेदार बात ये है कि सारस  की मारक दर 10% है,स्वाइन फ्लू की 28% और कोवीड 19 की सिर्फ 2%।
एक बड़ा दिलचस्प डाटा एक वेबसाइट पे मिला।
वेबसाइट लिख रही है की आज के दिन पूरे विश्व में कोविड 19 ने  6406 जाने ली।
आज ही के दिन 26,283 लोग कैंसर से मरे,24,641 लोग दिल की बीमारी से,4300लोग शुगर से, 2704 लोग मच्छरों के काटने से मारे गए और 137 लोग सांपो के काटने से मारे गए।और भी दिलचस्प पहलू ये है की 1300 लोगों को उनके साथी मनुष्यों द्वारा कत्ल कर दिया गया, मतलब उनकी हत्या हो गई।
तो अब क्या कहेंगे आप।
विज्ञान की राय दूं...
1.हमे करोना वायरस के साथ अभी कई वर्षों तक रहना है।इसलिए घबराएं नहीं,ना ही डरे।वास्तविकता के साथ जीना सीखिए।
२.एक बार करोना वायरस आपकी कोशिका की भित्ति के अंदर दाखिल हो गया फिर गर्म पानी और काढ़ा गैलन के हिसाब से पी लो वो वायरस को नहीं मार सकते। हां,तुम्हे बाथरूम के बार बार दर्शन जरूर करवा  देंगे।
3.अपने हाथ बार बार धोना और छह फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखना ही सबसे कामगार हथियार है।
4.अगर आपके घर में कोई करोना मरीज नहीं है तो घर को बार बार डिस इंफेक्टेंट करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
5. ग्रॉसरी बैग्स,प्लास्टिक बैग्स, ए टी एम या गैस स्टेशन इन्फेक्शन नहीं करते।बस अपने हाथ साफ रखिए और चेहरा ढक कर रखिए।
6. कोविड़ खाने से फैलने वाला इन्फेक्शन नहीं है।ये तभी फैलता है जब हवा में किसी के द्वारा खांसने या छींकने से तरल बूंदे उड़ें और आपके नाक या मुंह से शरीर में प्रवेश कर जाएं।अभी तक ऐसा कोई मामला नहीं आया की ऑर्डर किए गए पिज्जा से संक्रमण फैला हो। हां,खाना ऑर्डर किया हो तो माइक्रोवेव में उसे गर्म जरूर कर लें।
7.आपकी सूंघने और स्वाद की शक्ति बहुत ज्यादा एंटी एलर्जी दवा के इस्तेमाल से भी जा सकती है और बहुत सारे अन्य वायरल संक्रमण से भी।
8.घर में घुसते ही कपड़े बदलने या शावर लेने की खास आवश्यकता नहीं है।याद रखिए साफ रहना "गुण" है,पागलपन नहीं।
9. करोना वायरस हवा में नहीं तैरता।ये छींक या खांसी से संक्रमित व्यक्ति के मुंह से निकली बूंदों के लेन देने से होता है जिसके लिए बेहद कम शारीरिक दूरी चाहिए होती है।
10. हवा साफ है तो बागों में ,बगीचों में घूमिए।बस शारीरिक दूरी बनाए रखें।
11.हाथ धोने के लिए आम साबुन का इस्तेमाल करें।महंगे एंटी बैक्टिरियल सोप पर पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं।एंटी बैक्टिरियल सोप वायरस का कुछ नहीं उखाड़ सकते।
12.जूतों से वायरस घर में आता हो इसकी संभावना 10,000 में एक से ज्यादा नहीं है।
13. विनेगर,गन्ने का रस या अदरक के रस से वायरस नहीं मरते।ये प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ा सकते हैं, दवा का काम नहीं कर सकते।
14. मास्क केवल भीड़ भाड़ वाले इलाके में पहने ।घर में , अपनी कार में या अपने निजी ऑफिस में कतई नहीं।वर्ना ये आपके शरीर के ऑक्सीजन लेवल में कमी करेंगे और आप किसी अन्य बीमारी की चपेट में आ जाएंगे।
15. ग्लव पहनना और भी बुरा आइडिया है। दस्टानो पर वायरस आसानी से जम जाते हैं।हाथों को बार बार बीस सेकंड के लिए धोना कहीं ज्यादा असरकारक आइडिया है।
16. घंटे बजाने से वायरस नहीं मरते, ना ही किसी पशु के मूत्र से,ना ही दिए के प्रकाश न ही किसी सामग्री के स्वाह होते धुएं से।
17. सबसे खास बात।अपने आप को स्टरलाइट परिवेश में कैद रखने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता ध्वस्त होती है।बेशक आप रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने के लिए दवा या सप्लीमेंट ले रहे हों।अपने घर में बैठने से लाख गुना बेहतर है की आप बगीचों,खेतों, नदी के तटों ,समंदर के तटों पर टहलने के लिए जाएं।आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता उतनी ही विकसित होगी जितना रोगाणु आपके शरीर पर आक्रमण करेंगे।
उम्मीद है लेख पढ़ कर आपको अच्छा महसूस हो रहा होगा।
मैं खुद होम आइसोलेशन में हूं।मेरे एक भले शरीफ पड़ोसी परसों शाम को घर आए थे ।चाय पीने के बाद बोले की मेरे इंस्टीट्यूशन के डायरेक्टर करोना पॉजिटिव हैं और मैं उनका प्राइमरी कॉन्टैक्ट हूं।पिछले कल वो खुद भी करोना पॉजिटिव हो गए।
सचिन ठाकुर,
प्रवक्ता भौतिक शास्त्र ,
राजकीय बाल विद्यालय धरमशाला की फेसबुक वाल।

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