Thursday, 15 April 2021

द्रोण- अर्जुन ऑनलाइन




हस्तिनापुर कोरोणा वायरस की चपेट में था।धृतराष्ट्र ने तुरन्त लॉक डॉउन लागू किया। लॉक डॉउन के साथ कर्फ्यू भी।सेनापति भीष्म ने राज्य की कमान संभाल ली।जो भी बाहर निकलता भीष्म की सेना का कहर टूट पड़ता।काफी पिछवाड़े लालिमा लिए राज्य के वॉट्सएप पर वायरल होने लगे।
 द्रोण आश्रम से सारे राजकुमार महल वापिस लाए गए।जब तक लॉक डॉउन की अवधि समाप्त नहीं हो जाती तब तक सारे कौरव पांडव महल में ही रहेंगे।धनुर्विद्या हो या गदा युद्ध सब स्थगित। द्रोण और अन्य गुरुओं ने भी आश्रम के किवाड़ बन्द किए और अपनी अपनी कुटिया में बन्द हो लिए।शकुनि चालक था।उसने महल के अन्दर ही अन्दर कौरवों के लिए गदा युद्ध अभ्यास हेतु महल के कुछ कमरे गुप्त रूप से खुलवा दिए। पांडव चूंकि माता कुंती के साथ दूसरे महल में रहते थे इसलिए उन्हें इसकी भनक नहीं लगी। चतुर विदुर को जब शकुनि की इस चाल का पता चला तो उसने कुलगुरू कृपाचार्य को मंत्रना हेतु बुलवा भेजा।कृपाचार्य को भी पांडवो के अध्ययन की चिंता हुई।दोनों धृतराष्ट्र के पास पहुंचे।अनुनय विनय की। शकुनि स्थिति को ताड़ गया।वो कैसे कौरवों का अहित अथवा पांडवो का भला चाहते।
 शकुनि ने ऑनलाइन शिक्षा का प्रपंच रचा।धृतराष्ट्र को प्रस्ताव पसंद आया।बुरे वक़्त में कुछ नहीं से कुछ होने का फार्मूला तय हो गया।विदुर विरोध करना चाहते थे परन्तु कुटिल शकुनि ने दूसरा तर्क गढ़ दिया," महाराज ऑनलाइन पढ़ाई से ना केवल राजकुमार परंतु राज्य के अन्य विद्यार्थियों को भी शिक्षा मिल जाएगी।उस से भी बड़ी बात द्रोण और अन्य ऋषि और उनके सहयोगी आचार्यों की भारी भरकम फौज जो राज कोश पर कुंडली मारे आराम फरमा रहे हैं, को भी कुछ काम मिल जाएगा।" विदुर कुछ ना बोल पाए।राज कोष विषय ही ऐसा है। 
कृपाचार्य ने वॉट्सएप के माध्यम से निर्देश जारी किए।द्रोण बौखलाए जरूर पर राज आज्ञा का विरोध रोजी रोटी के लाले डाल सकता इसलिए अनमने ढ़ंग से मान गए।अन्य ऋषियों और आचार्यों को अपने अपने वॉट्सएप ग्रुप बनाने के आदेश दे खुद अर्जुन को वॉट्सएप की वीडियो कॉल से धनुर विद्या सिखाना आरम्भ किया। 
अर्जुन आराम से   " गेम ऑफ थरोन " की सीरीज देख रहा था।ऐसा वक़्त इस सीरीज को देखने के लिए जीवन पर्यंत कहां मिलना। खैर द्रोण की वीडियो कॉल देख अपने कक्ष में आ गया और ऑनलाइन शिक्षा शुरू। द्रोण ने अपना धनुष उठाया और अर्जुन को भी अपना धनुष उठाने का आदेश दिया।
दुर्भाग्य जियो का सिग्नल बैठ गया।यहां से द्रोण को ना अर्जुन दिखे ना वहां अर्जुन को द्रोण।दस मिनट बाद जियो का सिग्नल फिर आया।द्रोण से सकून कि सांस ली।द्रोण ने फिर अपना धनुष उठाया और अर्जुन को बाएं हाथ में धनुष उठा दाएं हाथ से प्रत्यंचा चड़ाने का आदेश देना ही था कि अर्जुन के फोन पर नेटफ्लिक्स की अधिसूचना फ़्लैश हो गई की अब एवेंजर सीरीज की "एंड गेम" फिल्म फोर के रिजॉल्यूशन में उपलब्ध है। 
अर्जुन ने अधिसूचना हटाई और द्रोण को पुनः आदेश देने को कहा। इस से पहले की द्रोण की आवाज सुनाई देती,फेसबुक मैसेंजर का गोला स्क्रीन पर अवतरित हो गया। अर्जुन ने जैसे ही गोले को क्लिक किया सुभद्रा का मेसेज था," जानू क्या कर रहे हो।। मैं तो यहां बोर हो रही हूं।ना तो शॉपिंग करने ही जा पा रही हूं ,ना ही डोमिनो वाले पिज़्ज़ा द्वारिका में डेलिवर कर रहे।तुम कब फ्री होंगे जानू" अर्जुन चाह कर भी कुछ लिख ना पाया।द्रोण सामने वीडियो कॉल पर थे।बिना हिले वीडियो कॉल को काटा।फिर सुभद्रा को मेसेज छोड़ा," अभी ऑनलाइन कक्षा में हूं।कक्षा के बाद बात करता। लव यू एंड मिसिंग यू।" 
मेसेज भेजने के बाद तुरंत द्रोण को कॉल लगाई।वीडियो कॉल शुरू।द्रोण ने फिर आदेश दिया ..." धनुष को बाएं हाथ से पकड़ो जिस सिरे से प्रत्यंचा बंधी है उसका सिरा नीचे करो ।" इस से आगे अर्जुन सुन नहीं पाया । वी चैट के मेसेज की बेल बजी।अर्जुन ने वी चैट खोला। नाग कन्या ऊलूपी थी," मेरा ब्बू,,,किसके साथ बिजी है।कब से वीडियो कॉल कर रही हूं। बिजी ऑन अनॉदर कॉल रिप्लाई आ रहा है।कोई और गर्ल फ्रेंड तो नहीं मिल गई।" अर्जुन ने फटाफट रिप्लाई लिखा," गुरु द्रोण की कॉल है।।तुम कब शक करना बन्द करोगी।। लव यू जान।।कक्षा के बाद बात करता।" 
गुरु द्रोण फिर लाइन पे आए।फिर से धनुष उठाने को कहा।परंतु इस बार गूगल डुओ पर वीडियो कॉल थी।द्रोण की स्क्रीन पर होल्ड कॉल का मेसेज डिस्प्ले हो गया। उधर अर्जुन ने कॉल ऑन की।मणिपुर के राजा चित्रवाहन की पुत्री चित्रांगदा कॉल पर थी।अर्जुन खुद को रोक नहीं पाया।चित्रांगदा बेहद रोमांटिक मूड में थी।अर्जुन कक्ष से उठा और मोबाइल समेत बाथरूम में सरक गया । 
कुंती को चिंता हुई।कहीं अर्जुन का पेट खराब तो नहीं हो गया।सुभा ही तो शौच किया था,स्नान किया था।अब पच्चीस मिनट के लिए बाथरूम में क्या कर रहा है।
 खैर अर्जुन बाहर आया।निढाल था।द्रोण की कॉल को होल्ड से हटाया। द्रोण ने फिर आदेश दिया," धनुष को बाएं हाथ से पकड़ो और दाएं हाथ से प्रत्यंचा बांधो" अर्जुन ने हलके हाथों से धनुष लिया।प्रत्यंचा बांधना शुरू किया।धनुष का वो सीरा जिसमें प्रत्यंचा बंधी हुई थी उसको नीचे किया और जिस सीरे पे प्रत्यंचा बांधनी थी उसको ऊपर। गुरु की वीडियो कॉल की तरफ देखा।द्रोण अब क्या आदेश देंगे।
द्रोण कुछ कहते इस से पहले ही अर्जुन के मोबाइल स्क्रीन पर पब जी की रिक्वेस्ट आ गई। कर्ण ,सात्यकि और अश्वत थामा ललकार रहे थे।अर्जुन रुक नहीं सकता था।यही मौका है जब कर्ण सात्यकि और अश्वत्थामा को मा बेहन की गालियां देते हुए गोलियां मारी जा सकती।ऐसा मौका और कहां मिलना। अर्जुन पब जी का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनना चाहता था।गुरु द्रोण की वीडियो कॉल को कट किया और पब जी पर आ गया।
 इधर गुरु द्रोण जियो नेटवर्क को गाली देते उठे।सिग्नल कभी मिलता कभी नहीं। फ़्री के डाटा की आदत लगा दी।फिर पैसे लेना शुरू किया।पिछले महीने दाम सीधे 40% बढ़ा दिए।अब तो आउटगोइंग के भी पैसे काट रहा।बी एस एन एल को धृतराष्ट्र और उनके शकुनि टाइप मंत्रियों ने 4 जी शुरू करने नहीं दिया।बेचारा विदुर अकेला ही बी एएस एन एल को 4 जी देने का राग अलाप ता रहा पर सुनी किसी ने नहीं।
 वैसे भी 9 से बारह बजे का राज आज्ञा वाला समय समाप्त हो रहा था।कैसे धनुर विद्या सिखाएं। 
सामने नजर पड़ी तो एकलव्य पेड़ों की ओट से गुरु को देख रहा था। द्रोण ने झिड़क लगा दी, " लॉक डॉउन में घर से बाहर निकलता है।।पुलिस को बुलायुं।।अपने मा बाप को बोल की एक स्मार्ट फोन खरीद ले आएं।।चल भाग।।" एकलवय फिर मायूस हुआ।भील मता पिता स्मार्ट फोन कहां से ले के दें।।मायूसी से गाना गाते हुए निकल लिया," साडा बापू जिम्मेदार किथे लेके देवे कार।" 
इधर द्रोण ने भी गूगल स्प्रेड शीट निकाली और शकुनि के बनाए रोज की वर्क शीट को भरना शुरू किया। टॉपिक डिस्कसेड वाले कॉलम में लिखा," धनुष पकड़ना और प्रत्यंचा चढ़ाना" 
सचिन ठाकुर, 
प्रवक्ता भौतिक शास्त्र, 
राजकीय बाल विद्यालय धरमशाला की फेसबुक वाल से।

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