Saturday, 4 January 2025

व्हाट्सएप पर हुटिए


 वॉट्सएप पर हुतिए:

देखे हो।। नहीं देखे हो।।

दिखाता हूं।

1. जो जिंदगी में कभी क्लास मॉनिटर नहीं बने वो आजकल ग्रुप एडमिन बन गए हैं।अच्छा है।खुद ही दूसरों को अपने ग्रुप में एड करते हैं ।फिर हड़काते हैं।कभी कहते हैं कि इस ग्रुप में ऐसी पोस्ट नहीं डालनी।कभी कहते हैं कि ये ग्रुप इसलिए नहीं बना।कभी कहते हैं ये ऑफिसियल ग्रुप है इसपे सिर्फ ऑफिस रिलेटेड पोस्ट ही डालें।। 

हुतियो तुमको बोला किसने ग्रुप बनाने को।जब वॉट्सएप नहीं था तब क्या ऑफिस और दुनिया नहीं चल रही थी।

2. जिन बेचारों का धर्म से ,पवित्र पुस्तकों से दूर दूर का कोई नाता नहीं ,जिन्होंने वेद का नाम सुना है पर पढ़ना तो दूर उनकी शक्ल नहीं देखी वो धर्म कि शिक्षा देने निकल पढ़ते हैं वॉट्सएप पर।

हूतियो,तुमको पता ही नहीं सनातन कितना महान है,,कितनी महान शख्शियतों ने अपने जीवन की संपूर्ण तपस्या के रस से , उस समय की उत्कृष्ट वैज्ञानिक अवधारणाओं से और अपने बेहतरीन अनुभवों से सनातन को सींचा है।तुम्हारी इन्हीं हूतिया हरकतों से ,विज्ञान के सिद्धांतो का बेड़ा गरक कर के किसी पुराण की किसी पंक्ति के साथ सामंजस्य बैठाने की हूटिया हरकत के कारण ही दो टके के लोग इस महान धरम का मजाक बना के चले जाते हैं।

3. जो भी थोड़ा बहुत धार्मिक दिखे,भले ही बे सिर पैर का हो,कोई तर्क ना हो ,उसे शेयर जरूर करना है।

हूटियो, नासा ने कोई ऐसा सैटेलाइट अंतरिक्ष में नहीं भेजा जो अंतरिक्ष की ध्वनियों को सुन रहा।ध्वनि प्रक्षेपण के लिए कोई मीडियम चाहिए जैसे हवा या पानी।अंतरिक्ष शुन्य है।फिर ध्वनि कैसे सुनी जाएगी।इसलिए ये विश्वास करना की ओम की ध्वनि सूर्य से निकल रही या अंतरिक्ष में प्रस्फुटित हो रही बहुत बड़ा हुतियापा है।

4. आयुर्वेद के नाम पर,हर्बल बूटी के नाम पर कुछ भी भेज दो वो रामबाण।

हुतियों ,आयुर्वेद के किसी डॉक्टर को देखे हो कोई टोटका बताते।एलोपैथी की तरह आयुर्वेद भी विज्ञान है।कभी जा के आओ किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर के पास।। एलोपैथी कि तरह फौरन इलाज नहीं होगा ना ही सभी असाध्य बीमारियों का इलाज,परंतु जो भी इलाज मिलेगा वो रोग को जड़ से उखाड़ फेंकेगा।

5. हिन्दू मुसलमान करने वाले हुटिए टीवी चैनल पर ही नहीं हैं, वटसएप तो इसका कारखाना है।ऐसी पोस्ट बनाएंगे जैसे अभी जा कर दूसरे धर्म वालो को काट देंगे।

हूतियों, कभी मक्खी मच्छर भी मारे हो।पहले इंसान बन लो।।हिन्दू मुसलमान बाद में बनना।

6. नेता तो जैसे सलाद है।कोई भक्ति रस का नींबू नुचेड रहा,कोई राग दरबारी का काला नमक छिड़क रहा तो कोई विरोध की काली मिर्च।मोदी साहब को कोई शेर दिखाता,कोई चौकीदार ,कोई चोर तो कोई अवतार।

हूटियों,लंबे अरसे बाद देश को पूरे समर्थन वाली सरकार मिली है और नी संदेह एक जबरदस्त नेता।काम करने दो।सवाल पूछो।जवाब मांगो।।

7. एग्जिट मारने वाले हुतिए: अलबत्ता तो हम विचार शून्यता के दौर में जी रहे।हमारी सूक्तियां और युक्तियां दोनों गूगल से आती।कोई बुद्धिमान अपने मूल विचार ग्रुप में व्यक्त करे तो विचार शून्य हुटियों के दिमाग में खारिश हो जाती।वो विचार प्रस्तुत करने वाले पर टूट पड़ते।ऐसी पोस्ट यहां नहीं चलेगी,किसी और ग्रुप में डालो,हमारी आस्था पर प्रश्न ना करो।विचार व्यक्त करने वाला बुद्धिमान जब अपने तर्क प्रस्तुत करता तो हुतिये या तो गाली गलौज पे उतर आते या ग्रुप से एग्जिट कर जाते।

8.अपने एक पिछले स्कूल में तो मुझे एक उच्च कोटि का हुतिया मिला। दिमाग से पैदल ये प्रचंड हुतिया बहुत से चालाक शिक्षकों का भौंकू था,जिसमे हवा भर कर चालाक शिक्षक इस से प्रधानाचार्य के सामने भो भों करवा देते थे।स्कूल के ऑफिशियल ग्रुप में नेताओं के साथ खींची अपनी फोटू तीसरे चौथे दिन पोस्ट कर देता था।बाकी अध्यापकों पर रोब डालने की कोशिश में।ऐसे गजब के हुतिए आपके ऑफिस में भी होंगे। हुतिये,तुझे क्या लगता तेरा नेता तेरी कोई पर्सनल प्रॉपर्टी है।तेरे जैसे छत्तीस जाते दिन में उनके साथ फोटू खिंचवा के। वैश्या वृति के बाद राजनीति इंसानी इतिहास का सबसे पुराना धंधा है।हंसते है लोग तेरे जैसों के पीठ पीछे और मैच्योर लोग मुंह नी लगाते तुम जैसे को।

हुतियो ,अगर चेतना समृद्ध नहीं हुई है तो ये शर्म की बात नहीं है।परंतु चेतना समृद्ध होने ही नहीं देनी तो फिर आपका कुछ हो ही नहीं सकता।अगर विचार अभिव्यक्ति में असेहज हो तो औरो के विचारों का आनंद लेना सीखो।

आप तो नहीं हो ना ऐसे हुटिये।

विज्ञान ने ये प्लेटफॉर्म इस लिए गढ़े थे ताकि आप सब कनेक्टेड रहें।बात ना भी कर पाओ तो कम से कम सलामती का एक मेसेज पहुंचा पाओ।सुभा कोई अच्छा सा गुड़ मार्निंग मेसेज भेज दो,सोने से पहले गुड नाइट का।कुछ अच्छे कॉमेडी वाले वीडियो शेयर कर लो,कुछ अच्छी ज्ञान विज्ञान के बातें भी।मेरी तरह संगीत के दीवाने हो तो कुछ अच्छी गजलें ,कुछ बेहतरीन मीठे गाने भी शेयर कर लो। कुकिंग के शौकीन हो तो रेसिपी,किताबों के शौकीन हो तो बेहतरीन किताबें।विज्ञान के टापिक्स डिस्कस कर लो।

अच्छा है ना।

आजकल तो फ्रस्ट्रेशन भी वॉट्सएप पे निकलती।मेरे पिछले किसी स्कूल में एक बेहतरीन और जाने माने  शिक्षक से उस स्कूल की आई टी शिक्षिका  भयंकर जलन रखती थी।अब जो शिक्षक महान बना अपने तप से बना उसका तुम क्या उखाड़ लोगी।मोहतरमा ने स्कूल का ग्रुप बनाया था,उसमे शिक्षक की किसी पोस्ट पर झिड़क दिया।शिक्षक बेहतरीन था ही साथ में भला इंसान भी।बिना तर्क वितरक के ग्रुप से एग्जिट ले लिया। आई टी शिक्षिका इसी में ही पुलकित हो उठी की देखो मैंने उस शिक्षक को ग्रुप से निकाल दिया।है ना हुटियागीरी।।

पता नहीं ,वक्त छोटा हो गया है या दिमाग ।पर डिजिटल दुनिया है कमाल की।

शेर अर्ज़ है।

" आजकल वो हमसे डिजिटल नफरत करते हैं,,,

हमे ऑनलाइन देख कर फौरन ऑफलाइन हो गुजरते हैं।।

😂😂😂

सचिन ठाकुर,

प्रवक्ता भौतिक शास्त्र।

राजकीय उच्च शिक्षा विभाग,

हिमाचल सरकार


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