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तालिबान की वापसी पूरी मानवता की बेहतरी के लिए है।।
इंटरनेट,मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया के दौर में जो विभत्स दृश्य अब पूरी मानव जाति देखने वाली है उसी से धर्म विहीन और मानवता से भरी दुनिया की नीव पड़ेगी।
बरहलाल ,मानवीय संवेदनाओं का बेहद दुखद और जघन्य दौर अब शुरू होने वाला है।पत्थर मार के हत्या, गले रेत कर खून के फवारों पर अल्लाहु अकबर का अट्टहास करते अंध धार्मिक दैत्य ,महिला के बुर्के से बाहर नाखून तक दिख जाने पर सामूहिक ब्लातकार और नाखून उंगली से उखाड़ कर ,बंदूक को लहरा नाचते तालिबानियों के वीडियो अब आपके मोबाइल पर सुभा शाम दस्तक दिया करेंगे।
महिलाओं की किसी भी धर्म आधारित व्यवस्था में जो गत होती है और अब होगी वो मर्म के आखिरी बिंदु को भी को हिला के रख देगी।जहां कहीं महिलाओं की तस्वीरे लगी हैं उन पर सफेदी पुतवाने का काम आज ही शुरू हो गया है।शिक्षा का अधिकार,बुर्के के बाहर रहने की आजादी,शरीयत कानून की तीन तलाक की मनहुसियत,श्रृंगार रस की आजादी दो हफ्ते में ही समाप्त हो जायेगी।तीन तलाक के बाद पुनः विवाह करने के लिए किसी दूसरे मर्द के साथ रात गुजारने की अमानवीय जलालत अब हर हालत में सहनी ही होगी ।16 साल की कमर गुल का शिक्षा लेने का संघर्ष भी अब सिर में गोली मार के शांत कर दिया जाएगा।
हे महान भारत के नागरिकों,
अपने संविधान पर गर्व करो जिसने तुम्हे धर्म निरपेक्ष राज्य में आजादी की सांस लेने का अधिकार दिया है।हर किसी के लिए अनिवार्य शिक्षा,सुगम स्वास्थ्य सेवाओं ,बेहतरीन आधार भूत ढांचा ,विज्ञान और शोध के विश्व विद्यालय और वेधशालयों के लिए अपनी सरकारों पर दवाब बनाए रखिए।देश को प्रगतिशील ,वैज्ञानिक सोच और मानव अधिकारों की रक्षा करने वाले राष्ट्र में बदलने के अपने संघर्ष को जारी रखो।
देश को स्वतंत्रता प्राप्ति की सालगिरह की क्रांतिकारी शुभकामनाएं।
सचिन ठाकुर,
प्रवक्ता भौतिक शास्त्र
राजकीय बाल विद्यालय धर्मशाला की फेसबुक पोस्ट

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