Tuesday, 25 February 2025

ऐसे करें एग्जाम की तैयारी


 कैसे करें एग्जाम की तैयारी_1

दिनचर्या :

तो फिर आ गए एग्जाम।कुछ नया तो है नहीं।जब तुम पांच साल के थे तब से दे ही रहे हो और अभी जब तक चौबीस पच्चीस साल के नहीं हो जाते तब तक देते ही रहोगे।शायद उस से भी ज्यादा उम्र तक।

तो नया तो कुछ है नहीं।पिछले सौ,डेढ़ सौ सालों से  मानव सभ्यता ने एग्जाम के नाम पर कुछ मामूली ,हल्के फुल्के बदलावों के सिवा कुछ नया तो हासिल किया नहीं।

इसलिए डरिए मत ।कुछ भी नया नहीं है।बस तुम्हारा अपना जो अनुभव है न वो नया है।

चलिए थोड़े से टिप्स मैं  भी दे देता हूं।आखिर पिछले 25 सालों से शिक्षण  व्यवस्था में हूं।

तो अब दिन कम बचे हैं।उम्मीद है स्कूल जाना आपने बंद कर दिया है।घर पर सघन तैयारी में डटे होंगे।

तैयारी के लिए पहला टिप है अपने दिन की दिनचर्या को चिन्हित करना।इसे हम दिन का टाइम टेबल बनाना भी कहते हैं।हालांकि ये पूरी तरह आपका अपना निजी मामला है। फिर भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तय की चीजें निसंदेह सहायता करती हैं।

सुबह पांच बजे उठिए।

उठ कर पहला काम गुनगुने पानी के कम से कम दो तीन गिलास गटक जाइए।

अब अपनी आंखों पर बिल्कुल ठंडे पानी के छाले मारिये।अच्छे से आंखे धो कर टूथब्रश करिए ,नित्य कर्म से निवृत हो जाइए।

सुबह के समय एक अच्छी नींद के बाद आपका दिमाग बिल्कुल तरोताजा ,अलर्ट और फोकस्ड होता है जिस के कारण आपकी याद करने की स्मरण शक्ति अपने उच्चतम स्तर पर होती है।ये समय कम से कम व्याधि उत्पन्न करने वाला होता है जिस से आपकी एकाग्रता में जबरदस्त उछाल आता है।ये समय बायोलॉजी , रसायन विज्ञान और ऐसे सब्जेक्ट्स को पढ़ने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होता है जिनमें आपको शॉर्ट टर्म मेमोरी की आवश्यकता होती है।अपनी भाषा में बोलें तो "रटने वाले सब्जेक्ट " पढ़ने का ये सबसे सही समय है।

तो दो घंटे दीजिए एक सब्जेक्ट को।

फिर साढ़े सात बजे हल्का व्यायाम, योगा अथवा वॉक करें।

आठ बजे दूसरा सब्जेक्ट जिसमें फिर हल्का रट्टा लगाना है ,या जिस सब्जेक्ट में थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट ज्यादा हैं को पकड़िए।

9:30 बजे नाश्ता लीजिए ।नाश्ता बिल्कुल राजाओं की तरह कीजिए।शुरुआत मौसमी फलों से कीजिए।

अगर नॉन वेज लेते हो तो अंडे,ऑमलेट,चिकन ,फिश खाने का ये सही समय है।अगर वेजिटेरियन हो तो पनीर,सोयाबीन ,मौसमी सब्जी के साथ परांठे,मक्की की रोटी । दहीं ,काफी भी लीजिए।दबा के खाइए। आपको अभी पूरा दिन काम करना है जिसके लिए आपको ऊर्जा चाहिए।

10:30 बजे के आस पास तीसरा सब्जेक्ट पकड़िए जो हल्का फुल्का हो।कोशिश कीजिए कि भाषाएं जैसे अंग्रेजी ,  हिंदी  या संस्कृत इस समय पढ़ी जाए।

12:30 बजे के आस पास का समय सुबह के समय पढ़े गए सब्जेक्ट्स के क्विक रीकैप के लिए रखिए।

2 बजे लंच लीजिए।आपका लंच एक कामगार की तरह होना चाहिए।कटोरी भर चावल,छिलके वाली दाल,सब्जी,रायता सलाद के साथ।

लंच के बाद एक हल्का पावर नैप लीजिए।आधे घंटे का पावर नैप जादुई असर करेगा।

3 बजे एडिशनल सब्जेक्ट जैसे आई पी , फिजिकल एजुकेशन या वोकेशनल सब्जेक्ट तैयार करने के लिए उत्तम है।

चार बजे फ्रूट लीजिए।संभव हो तो दूध का एक बड़ा गिलास अथवा जूस।अगर संभव हो तो चाय या कॉफी के साथ नट्स या ड्राई फ्रूट।

पांच बजे के बाद का समय,जिसे हम गोधूलि बेला कहते हैं गणित के लिए सर्वाधिक उपयुक्त समय है।गणित के लिए कम से कम दो अढ़ाई घंटे दीजिए।

सात बजे के आस पास हल्की वॉक लीजिए और फिर डिनर कीजिए।आपका डिनर एक भिखारी की तरह होना चाहिए।अलबत्ता तो कुछ खाइए ही मत।खाना ही हो तो हल्का सलाद,फल ।एक आधी चपाती और सब्जी।

अब आपको रात को सोने के अलावा कुछ नहीं करना है इसलिए न तो आपके शरीर को न ही आपके दिमाग को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता है।

डिनर के बाद का समय फिजिक्स सरीखे अंडरस्टैंडिंग सब्जेक्ट्स के लिए सर्वथा उत्तम है।न्यूमेरिकल आपको कतई सोने नहीं देते।नींद आए तो कॉफी बनवा लीजिए।

ठीक 11 बजे सो जाइए।

कम से कम 6 घंटे की नींद हर हाल में लीजिए और दिन में आध,एक घंटे की पावर नैप भी।

बीच बीच में हल्की फुल्की पांच मिनट की ब्रेक एक और रामबाण तकनीक है जो आपके दिमाग को ताजगी प्रदान करता है।

हल्की फुल्की गजलें ,खासकर जगजीत सिंह की आपकी कंसंट्रेशन में इजाफा करती हैं।इसलिए एक अच्छा म्यूजिक सिस्टम जो बेहद धीमी आवाज में अच्छा म्यूजिक पैदा कर सके उसे अपने कमरे में जरूर रखिए या फिर संभव हो तो बाहरी नॉइस कैंसल करने वाले अच्छे हेडफोन पर गजलें सुनते रहें।

देखिए,मैने लेख में पहले ही कहा,कि टाइम टेबल बनाना पूर्णतः आपका अपना मामला है।मैं सिर्फ आपको वैज्ञानिक आधार पर ,तथ्यों पर आधारित टिप दे रहा हूं।

अगर आप इन टिप्स को आजमाते हो तो मेरा यकीन मानिए ये आपकी एग्जाम तैयारी में हल्की फुल्की मदद जरूर करेंगे।

खैर,जिंदगी है आपकी और करियर भी है आपका।

इसलिए बेहतरीन परिणाम के लिए अपने आप को सज्ज कीजिए।

सचिन ठाकुर,

प्रवक्ता भौतिक शास्त्र।

राजकीय उच्च शिक्षा विभाग,

हिमाचल सरकार।

Saturday, 4 January 2025

व्हाट्सएप पर हुटिए


 वॉट्सएप पर हुतिए:

देखे हो।। नहीं देखे हो।।

दिखाता हूं।

1. जो जिंदगी में कभी क्लास मॉनिटर नहीं बने वो आजकल ग्रुप एडमिन बन गए हैं।अच्छा है।खुद ही दूसरों को अपने ग्रुप में एड करते हैं ।फिर हड़काते हैं।कभी कहते हैं कि इस ग्रुप में ऐसी पोस्ट नहीं डालनी।कभी कहते हैं कि ये ग्रुप इसलिए नहीं बना।कभी कहते हैं ये ऑफिसियल ग्रुप है इसपे सिर्फ ऑफिस रिलेटेड पोस्ट ही डालें।। 

हुतियो तुमको बोला किसने ग्रुप बनाने को।जब वॉट्सएप नहीं था तब क्या ऑफिस और दुनिया नहीं चल रही थी।

2. जिन बेचारों का धर्म से ,पवित्र पुस्तकों से दूर दूर का कोई नाता नहीं ,जिन्होंने वेद का नाम सुना है पर पढ़ना तो दूर उनकी शक्ल नहीं देखी वो धर्म कि शिक्षा देने निकल पढ़ते हैं वॉट्सएप पर।

हूतियो,तुमको पता ही नहीं सनातन कितना महान है,,कितनी महान शख्शियतों ने अपने जीवन की संपूर्ण तपस्या के रस से , उस समय की उत्कृष्ट वैज्ञानिक अवधारणाओं से और अपने बेहतरीन अनुभवों से सनातन को सींचा है।तुम्हारी इन्हीं हूतिया हरकतों से ,विज्ञान के सिद्धांतो का बेड़ा गरक कर के किसी पुराण की किसी पंक्ति के साथ सामंजस्य बैठाने की हूटिया हरकत के कारण ही दो टके के लोग इस महान धरम का मजाक बना के चले जाते हैं।

3. जो भी थोड़ा बहुत धार्मिक दिखे,भले ही बे सिर पैर का हो,कोई तर्क ना हो ,उसे शेयर जरूर करना है।

हूटियो, नासा ने कोई ऐसा सैटेलाइट अंतरिक्ष में नहीं भेजा जो अंतरिक्ष की ध्वनियों को सुन रहा।ध्वनि प्रक्षेपण के लिए कोई मीडियम चाहिए जैसे हवा या पानी।अंतरिक्ष शुन्य है।फिर ध्वनि कैसे सुनी जाएगी।इसलिए ये विश्वास करना की ओम की ध्वनि सूर्य से निकल रही या अंतरिक्ष में प्रस्फुटित हो रही बहुत बड़ा हुतियापा है।

4. आयुर्वेद के नाम पर,हर्बल बूटी के नाम पर कुछ भी भेज दो वो रामबाण।

हुतियों ,आयुर्वेद के किसी डॉक्टर को देखे हो कोई टोटका बताते।एलोपैथी की तरह आयुर्वेद भी विज्ञान है।कभी जा के आओ किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर के पास।। एलोपैथी कि तरह फौरन इलाज नहीं होगा ना ही सभी असाध्य बीमारियों का इलाज,परंतु जो भी इलाज मिलेगा वो रोग को जड़ से उखाड़ फेंकेगा।

5. हिन्दू मुसलमान करने वाले हुटिए टीवी चैनल पर ही नहीं हैं, वटसएप तो इसका कारखाना है।ऐसी पोस्ट बनाएंगे जैसे अभी जा कर दूसरे धर्म वालो को काट देंगे।

हूतियों, कभी मक्खी मच्छर भी मारे हो।पहले इंसान बन लो।।हिन्दू मुसलमान बाद में बनना।

6. नेता तो जैसे सलाद है।कोई भक्ति रस का नींबू नुचेड रहा,कोई राग दरबारी का काला नमक छिड़क रहा तो कोई विरोध की काली मिर्च।मोदी साहब को कोई शेर दिखाता,कोई चौकीदार ,कोई चोर तो कोई अवतार।

हूटियों,लंबे अरसे बाद देश को पूरे समर्थन वाली सरकार मिली है और नी संदेह एक जबरदस्त नेता।काम करने दो।सवाल पूछो।जवाब मांगो।।

7. एग्जिट मारने वाले हुतिए: अलबत्ता तो हम विचार शून्यता के दौर में जी रहे।हमारी सूक्तियां और युक्तियां दोनों गूगल से आती।कोई बुद्धिमान अपने मूल विचार ग्रुप में व्यक्त करे तो विचार शून्य हुटियों के दिमाग में खारिश हो जाती।वो विचार प्रस्तुत करने वाले पर टूट पड़ते।ऐसी पोस्ट यहां नहीं चलेगी,किसी और ग्रुप में डालो,हमारी आस्था पर प्रश्न ना करो।विचार व्यक्त करने वाला बुद्धिमान जब अपने तर्क प्रस्तुत करता तो हुतिये या तो गाली गलौज पे उतर आते या ग्रुप से एग्जिट कर जाते।

8.अपने एक पिछले स्कूल में तो मुझे एक उच्च कोटि का हुतिया मिला। दिमाग से पैदल ये प्रचंड हुतिया बहुत से चालाक शिक्षकों का भौंकू था,जिसमे हवा भर कर चालाक शिक्षक इस से प्रधानाचार्य के सामने भो भों करवा देते थे।स्कूल के ऑफिशियल ग्रुप में नेताओं के साथ खींची अपनी फोटू तीसरे चौथे दिन पोस्ट कर देता था।बाकी अध्यापकों पर रोब डालने की कोशिश में।ऐसे गजब के हुतिए आपके ऑफिस में भी होंगे। हुतिये,तुझे क्या लगता तेरा नेता तेरी कोई पर्सनल प्रॉपर्टी है।तेरे जैसे छत्तीस जाते दिन में उनके साथ फोटू खिंचवा के। वैश्या वृति के बाद राजनीति इंसानी इतिहास का सबसे पुराना धंधा है।हंसते है लोग तेरे जैसों के पीठ पीछे और मैच्योर लोग मुंह नी लगाते तुम जैसे को।

हुतियो ,अगर चेतना समृद्ध नहीं हुई है तो ये शर्म की बात नहीं है।परंतु चेतना समृद्ध होने ही नहीं देनी तो फिर आपका कुछ हो ही नहीं सकता।अगर विचार अभिव्यक्ति में असेहज हो तो औरो के विचारों का आनंद लेना सीखो।

आप तो नहीं हो ना ऐसे हुटिये।

विज्ञान ने ये प्लेटफॉर्म इस लिए गढ़े थे ताकि आप सब कनेक्टेड रहें।बात ना भी कर पाओ तो कम से कम सलामती का एक मेसेज पहुंचा पाओ।सुभा कोई अच्छा सा गुड़ मार्निंग मेसेज भेज दो,सोने से पहले गुड नाइट का।कुछ अच्छे कॉमेडी वाले वीडियो शेयर कर लो,कुछ अच्छी ज्ञान विज्ञान के बातें भी।मेरी तरह संगीत के दीवाने हो तो कुछ अच्छी गजलें ,कुछ बेहतरीन मीठे गाने भी शेयर कर लो। कुकिंग के शौकीन हो तो रेसिपी,किताबों के शौकीन हो तो बेहतरीन किताबें।विज्ञान के टापिक्स डिस्कस कर लो।

अच्छा है ना।

आजकल तो फ्रस्ट्रेशन भी वॉट्सएप पे निकलती।मेरे पिछले किसी स्कूल में एक बेहतरीन और जाने माने  शिक्षक से उस स्कूल की आई टी शिक्षिका  भयंकर जलन रखती थी।अब जो शिक्षक महान बना अपने तप से बना उसका तुम क्या उखाड़ लोगी।मोहतरमा ने स्कूल का ग्रुप बनाया था,उसमे शिक्षक की किसी पोस्ट पर झिड़क दिया।शिक्षक बेहतरीन था ही साथ में भला इंसान भी।बिना तर्क वितरक के ग्रुप से एग्जिट ले लिया। आई टी शिक्षिका इसी में ही पुलकित हो उठी की देखो मैंने उस शिक्षक को ग्रुप से निकाल दिया।है ना हुटियागीरी।।

पता नहीं ,वक्त छोटा हो गया है या दिमाग ।पर डिजिटल दुनिया है कमाल की।

शेर अर्ज़ है।

" आजकल वो हमसे डिजिटल नफरत करते हैं,,,

हमे ऑनलाइन देख कर फौरन ऑफलाइन हो गुजरते हैं।।

😂😂😂

सचिन ठाकुर,

प्रवक्ता भौतिक शास्त्र।

राजकीय उच्च शिक्षा विभाग,

हिमाचल सरकार